कोरोना वायरस पर चीन की भूमिका
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कोरोना वायरस पर चीन की भूमिका

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कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में पिछले 3-4 महीने में इतनी तबाही मचाई है जिसको पूरा करने में बरसो बरस लग जायेंगे। इसकी चपेट में एक-दो नहीं, बल्कि दुनिया के लगभग 190 देश इसकी चपेट में है और अभी तो और बढ़ रहा है। मानव के लिए सबसे मजबूरी की बात ये है कि वो अभी उसके पास इस वायरस की कोई दवाई नहीं है और ना ही कोई ऐसा तोड़ है जिससे कि वो लोगो को मरने से बचा सके।

कोरोना वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से नवंबर 2019 में निकला था और देखते ही देखते इसकी तबाही में विश्व के लगभग सभी देश आ गए। अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक, रूस से लेकर अफ्रीका तक सभी जगह पर इस वायरस ने दस्तक दे रखी है। अकेले ही अमेरिका में 1.5 लाख से ज्यादा मरीज आ गए है और 2000 के लगभग मर गए है। यूरोप के कई देश जैसे की इटली, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, इत्यादि में तो ये वायरस रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। ईरान में भी ऐसे ही हालात बने हुए है। इसी बीच एक अच्छी खबर ये है कि वुहान शहर से अब कोई पॉजिटिव केस नहीं मिल रहा है और अब चीन ने इस वायरस पर लगभग पूरी तरह से काबू पा लिया है। लेकिन यही से कुछ सवाल निकलते भी है और ये सवाल सभी देश चीन से पूछ भी रहे है। कोई कहता है कि कोरोना वायरस मानव निर्मित है तो कोई कहता है कि ये प्राकृतिक है। कोई कहता है कि ये सारा षड़यंत्र चीन ने रचा था क्योंकि वो महाशक्ति बनना चाहता था तो कोई ये कहता है कि भविष्य में युद्ध बन्दूक, तोप या परमाणु अस्त्र से नहीं होंगे, आने वाले समय में युद्ध ऐसे ही वायरस या महामारी से होंगे। लेकिन अगर हम गौर करे तो चीन की भूमिका संदिग्ध दिखती है। तो देखते है कि ऐसा क्या कुछ हुआ जिस से चीन पर सब ऊँगली उठा रहे है या वास्तव में चीन ने यह पूरी प्लानिंग से किया है। कही ऐसा तो नहीं है कि चीन ने धोखा देकर आर्थिक विश्व विजय हासिल कर ली है।

  • वुहान से शंघाई की दूरी 839 km है और वुहान से बीजिंग की दूरी 1152 km है। ये दोनों शहर चीन के सबसे बड़े व्यावसायिक शहर है जहाँ से चीन की एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था चलती है लेकिन यहाँ पर कोरोना वायरस इतना नहीं फैला जितना ये 8600 km दूर इटली में फैला और 15000 km दूर न्यूयॉर्क में फैला। इटली में तो मरने वालो की संख्या चीन से कही ज्यादा है। इतना ही नहीं, कोरोना वायरस चीन के अन्य कोई शहर में भी इतना नहीं फैला जितना ये अन्य देशो में फैला और तबाही मचाई।
  • कोरोना वायरस कब, कैसे और कहाँ से आया, इस बारे में चीन ने पूरी दुनिया से इस वायरस के बारे में क्यों छुपाया? WHO को भी इस बारे में काफी देर से बताया और आज तक चीन ने The World Health Organization (WHO) को एक भी रिपोर्ट नहीं दी।
  • चीन ने कोरोना के प्रारंभिक सैंपल को नष्ट कर दिया और इसकी भी जानकारी WHO को नहीं दी गई।
  • जिस चीनी डॉक्टर ने इस वायरस का सबसे पहले खुलासा किया था, उसकी चीनी अधिकारियों ने नहीं सुनी और उसकी मृत्यु भी कोरोना वायरस से ही हुई।
  • South Morning China Post के अनुसार कोरोना वायरस का पहला केस 17 नवंबर 2019 को दर्ज किया गया था लेकिन WHO को 31 दिसंबर 2019 को इसकी पहली सूचना दी गई। ऐसा क्यों?
  • दुनिया के अन्य देशों ने जब चीन से कोरोना वायरस की सूचना साझा करने को कहा तो उसने सूचना साझा करने से मना क्यों किया
  • कोरोना वायरस मानव से मानव में फैलता है, इसकी जानकारी भी चीन द्वारा बहुत ही देरी से दी गई। ऐसा क्यों?
  • यह वायरस मानव से मानव में फैलता है, इसके बावजूद चीन से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं चल रही थी। ना तो चीन ने कोई गाइड लाइन जारी करी और ना ही अपने देश के नागरिको को बाहर जाने से रोका। इसी वजह से आज विश्व के हर कोने में कोरोना वायरस पहुँच गया है।
  • रातों- रात अस्पतालों का निर्माण, उपकरणों की उपलब्धता, श्रम, पानी और सीवेज नेटवर्क को किराए पर लेना; कही ये सब चीन की रणनीति का हिस्सा तो नहीं थे।
  • इस महामारी को चीन ने जल्दी से नियंत्रित कर लिया। जहाँ एक और पूरा विश्व इस महामारी को संभाल ही नहीं पा रहा है वही रातों रात वुहान से कोरोना के नए मरीज मिलना बन्द ही हो गए। यह कैसे सम्भव है? क्या ये भी चीन की रणनीति का हिस्सा है?
  • चीन का इतनी जल्दी इस वायरस पर नियंत्रण करना और इस महामारी को काबू में पाना कही ये तो नहीं बताता कि चीन के पास इसका इलाज भी है और वो इसका दूसरे देशो से साझा नहीं करना चाहता।
  • जहाँ एक और सारा विश्व इस महामारी की भयानकता से डरा हुआ है और लड़ रहा है वही चीन अपनी सामान्य ज़िन्दगी में लौट आया है। उसकी फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू भी हो गया है और कोरोना वायरस पीड़ित देशो को मास्क, ग्लव्स, सेनेटाइजर, और वेंटीलेटर भी निर्यात करने लग गया है।

ऐसे ही कई प्रश्न सभी के मन में उठ रहे है और इन सबका उत्तर चीन नहीं देगा तो समय जरूर देगा क्योंकि इसका परिणाम इतना खतरनाक हो सकता है, शायद इसकी कल्पना तो किसी ने भी नहीं कि होगी। अभी, इस वक़्त तक (30 मार्च 8 PM) कोरोना वायरस के 740,235 केस आये हैं और मृतकों की संख्या 35,035 हो गई है। जहाँ एक और विकसित देश ही नहीं संभल पा रहे हैं वही दूसरी और गरीब देशो की तो जैसे कमर ही टूट गई है। अभी तो फिलहाल हम सभी को इस लड़ाई में एक होकर लड़ाई लड़नी है बाकी समय पर ही छोड़ना उचित रहेगा।

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