मेरा साकी मेरी हाला 6
Poem

मेरा साकी मेरी हाला – भाग 6

Spread the love

39

मेरी इस उन्मत्त दशा में,

कही ना दिखता उजियाला।

ज्योति बेच कर क्रय कर डाला,

दुखदायी यह अंधियाला ।

पड़ा हुआ है इधर सिसकता,

उधर बिलखती मधुबाला ।

अरे कौन यह मुझे प्यार से,

सम्बोधित करने वाला । 

40

कर आधीन इन्द्रियां अपनी,

जग सेवा करने वाला ।

अस्त्र शस्त्र का भय न मानता,

जग निर्भय जीने वाला ।

प्रेम, त्याग और सत्य, अहिंसा से,

जान मन हरने वाला ।

होता है वह योग्य सदा ही,

मानव” कहलाने वाला । 

41

तेरी रसना के कौतुक ये,

उद्बोधन, भाषण माला ।

तृष्णा के अंधियाले में सब,

दिखा समान श्वेत-काला ।

भूल गया सुध बुध को मानव,

सैलानी भोला भाला ।

चारो ओर तीव्र ज्वाला में,

बढ़ अपना जीवन डाला । 

42

हर इच्छा की सघन ढाल पर,

दिखा रंग सुमन आला ।

जूही, गुलाब, चमेली, चंपा,

सोसन, नरगिस की हाला ।

चेतनतासे टूटा नाता,

छूटा कर से मधु प्याला ।

समझा था जिसको सुख अपना,

निकला वह कपटी काला । 

43

मानवता की चिता धधकती,

मुख से उगल रही ज्वाला ।

स्वयं स्वार्थ के अंगारो में,

जलता है जलने वाला ।

भस्म हो रहा मनुजवंश है,

है कोई क्या रखवाला ।

सर्वनाश हो गया बुद्धि का,

छोड़ी जब से मधुशाला । 

44

पंच तत्व का बना पींजरा,

मिट्टी से मिलने वाला ।

अस्थि, मांस, मज्जा के ऊपर,

डाल चर्म इसको ढाला ।

नित परिवर्तित महा प्रकृति ने,

रंग रंगीला कर डाला ।

भूरा, पीला, लाल, श्वेत है,

बना हुआ मानव काला । 

45

बीता शैशव, बाल्यकाल भी,

खोया यौवन मतवाला ।

नित नवीन आशा, अभिलाषा-

ने पूरा भारी जाला ।

काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह का,

घट पर पट डाले काला ।

भूल भुलैया माया में क्या,

ढूंढ रहा पथ मधुशाला । 

46

चला डूबने वैतरणी में,

जब जीवन का यह नाला ।

खो वैभव हो निर्धन, निर्बल,

समय नष्ट कर होश संभाला ।

टूटी तंत्र, मन पछतावा,

मिली न तलछट भी हाला ।

मंदिर मस्जिद भटक रहा क्या,

लिए हुए मुखड़ा काला । 

47

सकल रूढ़ियाँ तोड़ी मैंने,

परम्पराओं का जाला ।

परिवर्तन की युग-वीणा सुन,

जीवन को अभिनय ढाला ।

निर्विवाद, निर्बाध प्रगति का,

सत सुन्दर, लक्ष्य नहीं टाला।

मेरा मैं, मेरा ये साकी,

ये हाला, ये मधुशाला ।

 

कभी न अपना मुख करूँ,

मधुशालाकी ओर ।

अल्ल मस्त की ठोकरे,

मिले जो दूजी ठोर ।।

Please read Part 1Part 2Part 3, Part 4 and Part 5 of मेरा साकी मेरा हाला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top